फरवरी 12, 2018

GE तथा टाटा द्वारा तेलंगाना में विश्व-स्तरीय 'एयरो-इंजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ का शिलान्यास कार्यक्रम

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) द्वारा दुनिया के सबसे अधिक बिक्री वाले जेट इंजन CFM LEAP इंजन के लिए जटिल हाई प्रिसीजन एयरो-इंजन कंपोनेंट्स मुहैया करने हेतु नवीनतम तकनीक और विनिर्माण पद्धति लागू की जाएगी। 

  • ‘मेक इन इंडिया’ के लिए तथा विमान इंजन जैसे उच्च प्रौद्योगिकी हेतु निर्माण केंद्र के रूप में भारत को स्थापित करने की प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण।
  • उच्च स्तरीय विनिर्माण में कार्यबल को प्रशिक्षण देने हेतु तेलंगाना में एयरो-इंजन प्रिसीजन मशीनिंग ट्रेनिंग फैसिलिटी की स्थापना हेतु साझेदारी।

हैदराबाद: – (NYSE:GE) – GE तथा भारत के अग्रणी वैश्विक उपक्रम टाटा समूह ने आज विश्व-स्तरीय एयरो-इंजन कंपोनेंट पर केंद्रित स्ट्रक्चरल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) के शिलान्यास समारोह का आयोजन किया। कार्यक्रम का आयोजन तेलंगाना सरकार के IT E&C, MAUD, उद्योग एवं वाणिज्य, खनन एवं भूतत्व, सार्वजनिक उपक्रम एवं एनआरआई मामलों के कैबिनेट मंत्री श्री केटी रामाराव तथा राज्य सरकार के अन्य गणमान्य महानुभावों की उपस्थिति में किया गया। विनिर्माण केंद्र हैदराबाद के आदिबटला में स्थित होगा।

तेलंगाना के हैदराबाद में विश्व स्तरीय एयरो-इंजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के शिलान्यास समारोह में उपस्थित- (मध्य में) तेलंगाना सरकार के IT E&C, MAUD, उद्योग एवं वाणिज्य, खनन & भूतत्व, सार्वजनिक उपक्रम एवं एनआरआई मामलों के कैबिनेट मंत्री श्री केटी रामाराव, साथ में (बाएं) प्रेसिडेंट और सीईओ, GE दक्षिण एशिया विशाल वान्चू तथा (दाएं) वनमाली अग्रवाल, प्रेसिडेंट, इनफ्रास्ट्रक्चर एंड डिफेंस & एयरोस्पेस, टाटा सन्स

दुनिया के सबसे अधिक बिक्री वाले जेट इंजन CFM LEAP इंजन के लिए जटिल हाई प्रिसीजन एयरो-इंजन कंपोनेंट्स मुहैया करने हेतु COE द्वारा GE की नवीनतम प्रौद्योगिकी तथा सर्वोतम विनिर्माण पद्धति को अपनाया जाएगा। यह नवंबर 2017 में GE एविएशन तथा टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (TASL) के बीच एयरक्राफ्ट कंपोनेंट्स के विनिर्माण, असेंबलिंग, इंटीग्रेशन तथा परीक्षण के लिए साझेदारी हेतु किए गए समझौते का अंग है।

वनमाली अग्रवाल, प्रेसिडेंट, इनफ्रास्ट्रक्चर एंड डिफेंस एंड एयरोस्पेस, टाटा सन्स ने कहा, ‘GE के साथ टाटा समूह की साझेदारी घरेलू विनिर्माण विशेषज्ञता को बढ़ावा देगी और वैश्विक एयरोस्पेस इंडस्ट्री में समूह की क्षमता में इजाफा करेगी। इस साझेदारी के साथ हम एक बेहतरीन ईकोसिस्टम विकसित करेंगे जो दोनों कंपनियों को देश विनिर्माण विशेषज्ञता को मजबूत करने में मदद करेगा। यह निवेश उच्च कौशल वाले रोजगार का सृजन करेगा और हाई-एंड सप्लाई चेन विकसित करेगा जिससे भारत में विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धी विनिर्माण ईकोसिस्टम तैयार होगा।'

प्रेसिडेंट और सीईओ, GE दक्षिण एशिया विशाल वान्चू ने कहा, ‘GE तथा टाटा दोनों के पास ग्राहकों को उनकी कुछ कठिनतम चुनौतियों से निबटने में मदद के लिए प्रतिबद्धता दिखाने का एक लंबा और विशिष्ट इतिहास रहा है। दोनों कंपनियों के बीच की यह साझेदारी भारतीय एयरोस्पेस तथा रक्षा उद्योग के लिए ऐसे बेहतरीन परिणाम लाएगा जिसका कोई मिसाल नहीं होगा। बेंगलुरू और हैदराबाद में हमारे तकनीकी केंद्रों के जरिए GE ने भारत में हाई-टेक रिसर्च क्षमता विकसित की है। हैदराबाद में GE की R&D क्षमता का टाटा के नए संयंत्र में अत्याधुनिक विनिर्माण क्षमता के साथ संयोजन भारतीय एयरोस्पेस उद्योग के लिए स्वदेशी क्षमता निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।’

तेलंगाना के हैदराबाद में विश्व स्तरीय एयरो-इंजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के शिलान्यास समारोह में उपस्थित- (मध्य में) तेलंगाना सरकार के IT E&C, MAUD, उद्योग एवं वाणिज्य, खनन & भूतत्व, सार्वजनिक उपक्रम एवं एनआरआई मामलों के कैबिनेट मंत्री श्री केटी रामाराव, साथ में (बाएं) प्रेसिडेंट और सीईओ, GE दक्षिण एशिया विशाल वान्चू तथा (दाएं) वनमाली अग्रवाल, प्रेसिडेंट, इनफ्रास्ट्रक्चर एंड डिफेंस & एयरोस्पेस, टाटा सन्स

LEAP कंपोनेंट्स के निर्माण तथा COE के रूप में TASLकी स्थापना से TASL को भविष्य में व्यावसायिक एवं सैन्य दोनों प्रकार के इंजनों में GE प्रॉडक्ट लाइन के अंदर खुद को विस्तारित करने का अवसर मिलेगा। जीई रक्षा इंजनों का भारत में एक अच्छा इतिहास रहा है।  जीई फिलहाल विभिन्न भारतीय रक्षा कार्यों के लिए जेट इंजन तथा मेरीन गैस टर्बाइन उपलब्ध कराते हैं, जिनके तहत शामिल हैं, वायुसेना का हल्का लड़ाकू विमान- तेजस एमके 1, भारतीय नौसेना का पी-8I विमान, तथा पी-17 श्रेणी के लड़ाकू विमान। विभिन्न रक्षा कार्यक्रम जिनपर काम चल रहा है, उनमें शामिल हैं हल्के लड़ाकू विमान- तेजस एमके 2, पी-17ए & पी-71 पोत, तथा एएच-64 लड़ाकू हेलीकॉप्टर जिनमें शक्ति के लिए जीई इंजनों का इस्तेमाल किया जाएगा।

TASL टाटा समूह का रणनैतिक एवं रक्षा शाखा है। TASL वैश्विक एयरोस्पेस तथा रक्षा बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में तेजी से उभर रहा है जिसके पास डिजायन से लेकर संपूर्ण एयरक्राफ्ट असेंबली तक संपूर्ण एयरोस्पेस वैल्यू चेन में संस्थापन क्षमता है। TASL वैश्विक ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) तथा भारत सरकार के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के लिए सबसे बड़ा निर्माण साझेदार है।