मई 23, 2017

टाटा सन्स द्वारा शुवा मंडल को ग्रुप जेनरल काउंसल के रूप में नियुक्ति

मुंबई: टाटा संस द्वारा श्री शुवा मंडल को ग्रुप जेनरल काउंसल के रूप में नियुक्ति की घोषना की गई। श्री मंडल जुलाई 2017 से कंपनी में कामकाज संभालेंगे।

अगले साल अपनी सेवानिवृत्ति से पहले पिछले 17 साल से टाटा संस के मौजूदा ग्रुप जेनरल काउंसल रहे श्री भरत वासानी ने एक अधिक रणनैतिक और सलाहकारी भूमिका में जाने के इच्छा जताई। अतएव, श्री वासानी चेयरमेन के ऑफिस में लीगल एडवाइजर के रूप में समूह की सेवा करेंगे।

नेशनल लॉ स्कूल, बंगलौर के स्नातक श्री मंडल के पास कानूनी पेशे में काम करने का 17 साल का अनुभव है और उन्होंने प्रमुख भारतीय उपक्रमों, ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्मों के साथ-साथ फॉर्च्यून 500 कंपनियों को अपनी सेवा दी है। 2000 से बार काउंसिल के सदस्य रहे श्री मंडल ने 2000-15 के बीच अपना करियर लीगल फर्म एजेडबी एसोसिएट्स के साथ शुरू किया, फिर वह शार्दूल अमरचंद & को. (एडवोकेट्स & सॉलिसीटर्स) के साथ पार्टनर के रूप में और नेशनल प्रैक्टिस हेड फॉर कॉरपोरेट, एम&ए तथा प्राइवेट इक्विटी के साथ काम किया। अपने करियर के दौरान श्री मंडल डील निर्माण, सिक्योरिटीज लॉ तथा कॉरपोरेशनों के लिए कानूनी रणनीति के विकास के कामों में सक्रिय रूप से संलग्न रहे।

टाटा समूह में उनका स्वागत करते हुए टाटा संस के अध्यक्ष श्री एन. चंद्रशेखरन ने कहा, ‘ग्रुप जेनरल काउंसिल के रूप में श्री मंडल अपने साथ व्यापक कानूनी अनुभव और ऊर्जा लेकर आए हैं। भारत के प्रमुख लीगल फर्मों में उन्होंने जो समय बिताए हैं उससे उन्हें विभिन्न कानूनी रणनीतियों को निकट से देखने के मौके मिले हैं और अतीत में विभिन्न टाटा कंपनियों के साथ काम करने का उनका लंबा अनुभव उन्हें अपनी इस नई भूमिका को बखूबी निभाने में मदद करेगा।’ श्री चंद्रशेखरन ने आगे कहा: ‘श्री वासानी निर्बाध ट्रांजिशन सुनिश्चित करने हेतु अपनी सेवा देना जारी रखेंगे।’

श्री मंडल ने कहा, ‘सलाहकार के रूप में टाटा समूह के साथ करना हमेशा ही मेरे लिए एक समृद्ध करने वाला और सिखाने वाला अनुभव रहा है, और अब मैं श्री चंद्रशेखरन और उनकी नई टीम के साथ एक बड़ी भूमिका का निर्वहन करने जा रहा हूं। टाटा समूह के लिए यह समय बेहद रोमांचकारी है और मैं इसकी भावी तरक्की में योगदान को इच्छुक हूं।’

श्री मंडल टाटा समूह को विभिन्न मुद्दों पर सलाह देते रहे हैं। अपने शुरुआती दिनों में, उन्होंने टाटा समूह के साथ अनेक अंतर्राष्ट्रीय प्रॉजेक्ट पर टाटा मोटर्स तथा टाटा केमिकल्स के लीगल एडवाइजर के रूप में काम किया।